म’रने के बाद 1 घन्टे तक होती है ये एक्टिविटी, इन सात बातों को..

चाहे आप किसी धर्म को मानें या फिर आप आप धर्म न मानें लेकिन ये तो सभी को पता है कि जो पैदा हुआ है उसका म’रना निश्चित है. इंसान की मौ’त एक सच है. आपको पता है कि मनुष्य की मुत्यु के बाद भी कुछ बाते है तो मृ’त्यु के 1 घण्टे के बाद तक मनुष्य के साथ होती रहती है। हमारे शरीर मे आत्मा की हमारी उर्जा है क्योंकि वही हमे जीवनभर जीने मे मदद करती है। मृ’त्यु के उपरांत भी आत्मा के साथ कुछ ऐसी चीजे अजीब होती है जो काफी दूखदायी होती है।

1. अचेत अवस्था: कई लोग बताते हैं कि मृ’त्यु के बाद भी उसकी आत्मा क़रीब एक घंटे अचेत अवस्था अमें ही रहती है. ये सुनने में भेल अजीब लगे लेकिन ये सच है. आत्मा को भी कई तरह के अनुभव होते हैं. 2. समान व्यवहार: क्या आप इस बात को जानते है कि मनुंष्य के मृ’त्यु के बाद भी उसकी आत्मा वैसे ही व्यवहार करती है जेसे एक जीवित इंसान के साथ व्यवहार करती है।

3. बेचैनी और छटपटाहट: मनुष्य की मृ’त्यु के बाद उसकी आत्मा एकदम बेचैनी और छटपटाहट सी हो जाती है और अपने सगे सम्बंधियो को पुकारती है पर उसकी कोई आवाज को न तो कोई सुन सकता है ओर न ही महसुस कर सकता है।आत्मा परेशान होकर सभी लोगों से कुछ कहना चाहती है पर उसकी आवाज बस उस तक ही गूंजकर रह जाती है क्योंकि वह भौतिक नहीं अभौतिक ध्वनि होती है और मनुष्य केवल भौतिक चीजों को ही महसूस कर सकता है। यह काफी रोचक बात है परन्तु हम इन चीजो के बारे मे काफी कम जानकारी रखते है क्योंकि हमारा जीवन काफी तेजी से जा रहा होता है और इन बातो के लिए वक्त निकालना मुश्किल हो जाता है।


4. संचार का प्रयास: आत्मा मृ’त्यु के बाद भी वापस संचार का प्रयास करती है और आसपास के लोगो से सम्पर्क करने की कोशिश करती है परन्तु ऐसा नही हो पाता ओर उसकी (आत्मा की) आवाज कोई नही सुन पाता, 5. प्रवेश का प्रयास: मनुष्य की मृ’त्यु के बाद आत्मा की पुनः यह कोशिश रहती है की वह उस शरीर मे वापस चली जाए जिस शरीर से वह बाहर आई है परन्तु ऐसा सिर्फ महसुस होता है वास्तव मे यह नही होता। धीरे-धीरे व्यक्ति की आत्मा यह स्वीकार करने लगती है कि अब जाने का वक्त हो गया है। मोह का बंधन कमजोर होने लगता है और वह मृत लोक विदा होने के लिए तैयार हो जाती है।

6 आत्मा दुखी होती है: जब मनुष्य की मृ’त्यु के बाद आत्मा लगभग 1 घण्टे तक उस शरीर के आसपास रहती है ओर ऐसा माना जाता है कि अपने परिजनो को रोता बिलखता देख वह भी दुखी होता है ओर रोती है परन्तु वह लाचार होती है ओर कुछ भी करने मे असमर्थ होती है। यम के दूत आत्मा से कहते हैं कि चलो अब यहां से चलने का समय गया है और कर्मों के अनुसार उसे लेकर यममार्ग की ओर चल पड़ते है।

7 कर्म के आधार पर तय होता है नया जीवन: क्या आप पुर्नजीवन मे विश्वास रखते है? मै तो नही रखता, परन्तु क्या आपको पता है कि मनुष्य को अगला जन्म होगा या नही यह तय करता है उसके पाप व पून्य, आत्मा कुछ समय बाद मृ’त्यु लोक की रेखा को पार कर ऐसी जगह चली जाती है जहाँ रहतो है सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा, जहा उनके कर्मा का निर्धारण होता है’

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