Category: अपराध

  • CM योगी आदित्यनाथ मिली सबसे बड़ी चेतावनी, कांवड़ियों के लिए ध्यान देने के लिए दी गई हिदायत, कहा कांवड़ियों को है खतरा, ध्यान दीजिए वरना

    कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाले संभावित खतरों पर ध्यान दिलाया है। सावन के महीने में शुरू होने वाली यह यात्रा भगवान शिव के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से जुड़े सुरक्षा मुद्दे भी उठते हैं।

    चिदंबरम ने अपने पत्र में विशेष रूप से बिजली के हाईटेंशन तारों और बड़े साउंड सिस्टम के दुरुपयोग के आपत्तिजनक परिणामों को दर्शाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए कुछ दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि इन्हीं घटनाओं से सीख लेकर सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है।

    वे बताते हैं कि बिजली के तारों के नीचे लटके न होने, साथ ही साउंड सिस्टम का सही ढंग से प्रबंधन न होने के कारण इन घटनाओं की वजह से यात्री दुखी होते हैं। उन्होंने अपील की है कि इस समय में यात्रीओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ऐसी दुर्घटनाएं न हों।

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    कांग्रेस सांसद ने इस पत्र में भी उज्जवल किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान हाई-टेंशन बिजली के तारों से जुड़ी अव्यवस्था और दुर्घटनाओं की रिपोर्ट्स आती रही हैं। यह समस्या गंभीर होती जा रही है और उसका समाधान तत्परता से किया जाना चाहिए।

    इसके साथ ही, चिदंबरम ने उत्तर प्रदेश सरकार से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। वे निर्देश देते हैं कि सरकार को यात्रीओं की सुरक्षा को मजबूत करने और हर संभावित आपत्ति का सामना करने के लिए सक्रिय रहना चाहिए।

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    चिदंबरम का पत्र उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाता है, जो सुरक्षा और जनसमर्थन की दिशा में सरकार को निर्देशित करता है। यह समय है कि सभी संबंधित अधिकारियों को इस चुनौती का सामना करने के लिए सक्रिय रहना चाहिए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

  • तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के लिए खुशखबरी! अब मिलेगा गुजारा भत्ता, जानें क्या है पूरा मामला

    तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के लिए खुशखबरी! अब मिलेगा गुजारा भत्ता, जानें क्या है पूरा मामला

    भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई 2024 को मुस्लिम महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं भी अपने पति से गुजारा भत्ता लेने की हकदार हैं, और वे इसके लिए दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत आवेदन कर सकती हैं। यह फैसला तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर आया है, जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति ने अपनी पूर्व पत्नी को दिए जा रहे 10,000 रुपये मासिक भत्ते को खत्म करने की मांग की थी।

    यह फैसला ऐतिहासिक “शाह बानो प्रकरण” की याद दिलाता है। 1986 में इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया था कि CrPC की धारा 125 एक धर्मनिरपेक्ष कानून है, जो सभी धर्मों की महिलाओं पर लागू होता है, इसमें मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि, उस फैसले के बाद बनाए गए “मुस्लिम महिला (विवाह विच्छेद पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986” के तहत मुस्लिम महिलाओं को केवल इद्दत की अवधि (तलाक के बाद एकांतवास की अवधि, जो आम तौर पर 3 महीने होती है) तक ही भरण-पोषण का अधिकार दिया गया था।

    नए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि CrPC की धारा 125 सभी महिलाओं पर लागू होती है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने अलग-अलग लेकिन एकमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि धारा 125 के तहत दायर आवेदन के दौरान अगर किसी मुस्लिम महिला को तलाक दे दिया जाता है, तो भी वह अपने भरण-पोषण के लिए इसी धारा का सहारा ले सकती है। साथ ही, वह मुस्लिम महिला (विवाह विच्छेद पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत भी अतिरिक्त राहत पाने की हकदार है।

    यह फैसला मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ी जीत है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और तलाक की स्थिति में उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान होगी। साथ ही, यह फैसला धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को मजबूत करता है और कानून के समक्ष सभी महिलाओं को समानता का अधिकार सुनिश्चित करता है।

  • एक्सप्रेसवे बना मौत का रास्ता! क्या आप भी करते हैं रात में सफर?

    एक्सप्रेसवे बना मौत का रास्ता! क्या आप भी करते हैं रात में सफर?

    बुधवार की तड़के उत्तर प्रदेश में एक भयानक सड़क दुर्घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बिहार से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस बेहटा मुजावर क्षेत्र के गढ़ा गांव के पास एक दूध के टैंकर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में 18 लोगों की दुखद मौत हो गई, जबकि 19 अन्य यात्री घायल हो गए।

    प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब बस चालक को संभवतया झपकी आ गई और वह आगे चल रहे दूध के टैंकर में पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे कई यात्री फंस गए। दुर्घटनास्थल से चीख-पुकार मच गई और राहगीरों ने तुरंत यूपीडा कर्मियों को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।

    घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए बांगरमऊ सीएचसी में भर्ती कराया गया है। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास शुरू कर दिया है। अब तक, दो मृतकों की पहचान हो चुकी है, जो बिहार के रहने वाले हैं। शेष मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    इस हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य को तेज करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए आदेश दिया है।

    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि घायलों को बेहतर इलाज के लिए उन्नाव और कानपुर के अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार सरकार के साथ भी संपर्क स्थापित किया गया है, क्योंकि हादसे में घायल होने वालों में से अधिकांश बिहार के रहने वाले हैं।

    यह हादसा सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर एक बार फिर से चिंता जताता है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालकों को थकान न महसूस हो, इसके लिए पर्याप्त विश्राम लेना आवश्यक है। साथ ही, सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना भी जरूरी है। तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनता है।

    अधिकारियों द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह दुर्घटना हमें सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत रहने और यात्रा के दौरान सतर्कता बरतने का पाठ देती है।