बड़ी ही आसानी से हैकर्स कैसे कर लेते हैं फोन हैक, किस तरह से फोन में पहुंचते हैं जासूसी वाले ऐप्स.?

भागदौड़ भरी इस दुनिया में मोबाइल फोन जैसे इंसान का हमसफर सा बन गया है। आज कल छोटे बच्चे से लेकर बड़े बूढ़ों तक के पास स्मार्ट फोन है। इसके साथ ही अब सभी लोगों सोशल मीडिया का भी भरपूर इस्तेमाल करते हैं। जैसे जैसे मोबाइल फोन से लोगों का काम आसान होता जा रहा है, ठीक वैसे ही अब हैकर्स का भी काम आसान हो रहा है। बता दें कि आप अपने फोन में कोई भी ऐप चला रहे हो उससे भी आपकी जासूसी की जा सकती है। सोशल मीडिया ऐप व्हाट्सऐप को दुनिया भर में यूज किया जाता है। लेकिन अब वो भी सुरक्षित नहीं है।

हाल ही में अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस का व्हाट्सएप हैक हुआ था। अब आप इस बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि जब इतने बड़े आदमी का व्हाट्सऐप हैक हो सकता है तो आम आदमी का व्हाट्सऐप हैक करना तो फिर मामूली सी बात है। आज कल जासूसी के लिए सबसे ज़्यादा पिगासस का इस्तेमाल होता है। ये एक स्पाईवेयर है जिससे एक ऐसे मोबाइल को भी हैक किया जा सकता है जिसकी कंपनी हैकप्रूफ होने का दावा करती है। हैरान करने वाली बात तो ये है कि यूजर्स को इसके फोन ने होने की जानकारी भी नहीं होती।


जानकारी के लिए बता दें कि ये किसी भी मोबाइल में एक लिंक के जरिए इंस्टॉल किया जाता है। ये लिंक कई बार संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद आजाती है। जिससे किसी को इसकी मौजूदगी का पता भी नहीं चलता। जब आप गलती से ये ऐप इंस्टॉल भी कर लेते हैं तो भी उसके बाद लाइसेंस देने के लिए एग्री बटन का ऑप्शन आता है। अगर आप इसको एग्री कर देते हैं तो ये कैमरा, माइक्रोफोन, मैसेज जैसे कई सारे एप्स का एक्सेस दे देते हैं। जिसका फायदा कोई थर्ड पार्टी ऐप उठाता है। इन ऐप्स में जरिए ही आपके फोन में स्पाईवेयर पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर है कि किसी फालतू लिंक पर क्लिक न करें। वहीं दूसरी ओर अपने फोन को कुछ समय बाद फॉर्मेट कर लिया करें। ऐसा करने से आप अपने फोन और अपने डेटा को सेफ रख सकते हैं।

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