57 यात्रियों को साथ लेकर खो गया था विमान, 37 साल बाद हुई लैंडिंग और….

हमारी यह दुनिया बहुत सरल भी है और बहुत जटिल भी. कह सकते हैं कि जो चीज़ हमें समझ अब तक आ गयी है अब वह सरल हो चुकी है लेकिन जो चीज़ अब भी अनसुलझी है, वह अब भी पहली बनी हुई है. कोई इसे चम’त्कार से जोड़कर देखता है तो इसके पीछे विज्ञान का कोई तर्क ले आता है. दरअसल तमाम लोग अपनी अपनी मान्यता और समझ के हिसाब से जवाब देते रहते हैं, बहरहाल, आज हम आपको उस चीज़ के बारे में बताने जा रहे हैं।

जो 37 साल से अब तक लोगों के लिए सवाल बनी हुई है और जिसका जवाब फिलहाल नहीं मिला है. यूँ तो इंसानों ने विज्ञान के ज़रिये तमाम चीज़ों को हल कर दिया है और तमाम चीज़ों का निर्माण भी किया है. आज हमारे पास प्लेन से लेकर वह सारी चीज़े मौजूद हैं जिनके बारे में कुछ सौ सालो पहले तक किसी ने सोचा भी नहीं होगा. सबसे क्रां’तिकारी आविष्कार के रूप में हम प्लेन को सबसे बड़ा उदाहरण मान सकते हैं. हालाँकि यह बात और है कि आज भले ही हमने इसका निर्माण कर दिया है।


प्रतीकात्मक तस्वीर
लगातार से एडवांस बनाते जा रहे है लेकिन इसके बारे में अब भी तमाम चीज़े हैं जिसे समझना बाकी है. आज हम आपको एक ऐसे प्लेन के बारे में बताने जा रहे हैं जिस पर यकीन करना मुश्किल है. दरअसल हुआ कुछ यूँ कि फ़्लाईट नंबर 914, 1955 में न्यूयॉर्क से मयामी के लिए उड़ा लेकिन मंजिल तक नहीं पहुंचा और लापता हो गया।

इसके बाद 37 साल बाद यह लापता विमान पैरोटोस बेनोजोला हवाई अड्डे पर लैंड किया. यहाँ तक कि कंट्रोल टावर पर बात की. हालाँकि इस दौरान रडार स्क्रीन पर कुछ साफ तौर पर नहीं देखा गया. लेकिन लैंड करने के साथ ही एक बार फिर से उड़ान भरने लगा और एक बार फिर से गायब हो गया जो अब तक लापता है. इसमें 57 यात्री थी जो प्लेन के साथ ला’पता हैं। ऐसी घ’टनाएँ कई सवाल छोड़ जाती हैं।

Flight
ये पूरी जा’नकारी हमें ट्वीट से प्राप्त हुई है। आप तक इस ख़बर को हमने उसी तरह पहुँचाया है।

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